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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन: सीएम योगी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गडकरी ने फीता काटकर किया लोकार्पण

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का सोमवार को भव्य लोकार्पण होने जा रहा है। सेना के हेलीकॉप्टर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एक्सप्रेसवे लोकार्पण स्थल पर पहुंच गए हैं। चारों नेताओं के पहुंचते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कुछ ही देर में 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा।लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सेना के हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंच गए। हेलीकॉप्टर के उतरने के बाद चारों नेताओं का जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया।लोकार्पण से पहले सभी अतिथियों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की निर्माण प्रक्रिया, परियोजना की प्रमुख विशेषताओं और इससे होने वाले लाभों की जानकारी दी गई।राह हुई आसान, दो हाईवे से जुड़ा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के चालू होने से जिले के लोगों को भी सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा। यह एक्सप्रेसवे दो हाईवे को जोड़ रहा है। इसी कारण जिलेवासी इस एक्सप्रेसवे के जरिए एक तरफ लालगंज रायबरेली पहुंच सकेंगे। वहीं, दूसरी ओर कानपुर-लखनऊ हाईवे पर भी आ जा सकेंगे। एनएचएआई के अफसरों के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते समय टोल चुकाने के लिए गाड़ी की रफ्तार कम नहीं करनी होगी और न ही कोई बैरियर होगा। टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले लगे हाई डेफिनेशन कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग को रफ्तार में ही स्कैन कर लेंगे। वहीं, इस एक्सप्रेसवे की एक ओर की दूरी तय करने में आपकी कार में 210 रुपये की सीएनजी खर्च होगी। इसके अलावा डीजल व पेट्रोल की छोटी कार में क्रमश: 230 व 250 रुपये का खर्च आएगा। एक ओर के टोल टैक्स के रूप में अपनी जेब से 275 रुपये चुकाने होंगे।

Lakhimpur Kheri: मायके जाने की जिद पर पत्नी की नाक काटी, गुस्साई सास ने दामाद की बहन से लिया 'बदला'

लखीमपुर खीरी के ईसानगर थाना क्षेत्र से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मायके जाने की जिद पर पत्नी का पति से विवाद हो गया। इस दौरान पति ने दांतों से पत्नी की नाक काट दी। इससे गुस्साई सास ने दामाद की बहन की नाक काटकर घायल कर दिया। दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी है। लखीमपुर खीरी के ईसानगर थाना क्षेत्र के गांव ढखेरवा में मायके जाने की बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि पति ने पत्नी की पिटाई कर दांतों से उसकी नाक काट दी, जिससे पत्नी लहूलुहान हो गई। सूचना पर पहुंची विवाहिता की मां ने दामाद की बहन की नाक काटकर घायल कर दिया। गांव ढखेरवा निवासी श्रवण कुमार कश्यप की पत्नी प्रीती कश्यप के अनुसार, वह अपनी चचेरी बहन की रविवार को होने वाली शादी में शामिल होने के लिए मायके जाना चाहती थीं। इसी बात पर पति से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान पति ने उसकी पिटाई की और दांतों से उसकी नाक काटकर घायल कर दिया।

UP: बदायूं मेडिकल कॉलेज में नहीं मिला स्ट्रेचर तो कंधे पर बीमार बहन को लेकर दौड़ा भाई, नहीं बची जान

बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर और एंबुलेंस न मिलने के कारण एक किशोरी की मौत होने का आरोप लगा है। शुक्रवार को तरन्नुम (17) को उसका भाई रियासत गंभीर हालत में लेकर पहुंचा था। रियासत ने आरोप लगाया कि उसे स्ट्रेचर नहीं मिला, जिसके बाद वह बहन को कंधे पर लेकर बाहर आया। दूसरे अस्पताल ले जाते समय रास्ते में किशोरी की मौत हो गई। बरेली जिले के आंवला के गांव हुसैनपुर निवासी इसराइल की बेटी तरन्नुम (17 वर्ष) को गंभीर हालत में लेकर उसका भाई शुक्रवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचा। आरोप है कि काफी देर तक चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मनोचिकित्सा विभाग के डॉक्टर नरवीर ने स्वास्थ्य परीक्षण कर उसको मेडिसिन विभाग में दिखाने के लिए कहा था। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उसके बाद वह अपनी बहन को लेकर चला गया। पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात किसी डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक ने उसे स्ट्रेचर मुहैया नहीं कराया। मजबूरी में वह उसको कंधे पर डालकर मेडिकल कॉलेज के बाहर तक ले गया। आरोप है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओर से उसको एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई गई। आरोप है कि मजबूरी में वह टेंपो में लेटाकर किसी अन्य अस्पताल ले जा रहा था कि रास्ते में बहन ने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर सवाल एक दिन पुरानी घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में यदि मरीजों और मृतकों के लिए स्ट्रेचर व एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार ने बताया कि शुक्रवार को किशोरी तरन्नुम को गंभीर हालत में उसका भाई लाया था। यहां पर मनोचिकित्सा विभाग में तैनात डॉक्टर ने मरीज को देखा और मेडिसिन विभाग में भेजा, लेकिन वह मरीज को कहीं और लेकर चला गया। अब जानकारी मिल रही है कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। महिला अस्पताल पहुंचीं एडी हेल्थ अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी जिला महिला अस्पताल की लगातार बिगड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं और डॉक्टरों की कमी को लेकर विभाग हरकत में आ गया है। शनिवार को बरेली मंडल की अपर निदेशक स्वास्थ्य (एडी हेल्थ) जिला महिला अस्पताल पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मौजूद डॉक्टरों व एसीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा से भी बात की। निरीक्षण के दौरान एडी हेल्थ ने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अवकाश पर चल रहीं महिला डॉक्टरों के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित डॉक्टर दो दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। एडी हेल्थ ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि ओपीडी, प्रसूति सेवाएं और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने, डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश भी दिए। वहीं एसीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा से भी बात की।

बांदा: सीएम योगी के दौरे के बाद भी नहीं बदली सड़कों की तस्वीर, गड्ढों से रोज हादसे का खतरा

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान शहर को चमकाने में जुटे विभाग ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर सड़कों की सुध लेना भूल गए। बांदा-सतना राज्य मार्ग तक जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। महुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत गिरवां में मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले मार्ग पर गिरवां थाने से करीब 100 मीटर पहले सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। उधर, बांदा-सतना राज्य मार्ग पर बड़ोखर बुजुर्ग के पास करीब 100 मीटर के दायरे में एक दर्जन से अधिक गड्ढे बने हैं। भारी वाहनों के साथ छोटे वाहन चालकों को भी निकलने में दिक्कत हो रही है। स्कूली बच्चों का कहना है कि पानी से भरे गड्ढों के कारण स्कूल जाते समय कपड़े और बस्ते खराब होने के साथ दुर्घटना का भी डर बना रहता है। कई बच्चे साइकिल समेत गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।बड़ोखर बुजुर्ग निवासी ग्रामीण राहुल, सोनू, सूर्य, अंकुर, कमलेश, उमाशंकर, अंकित, अरविंद, शुभम, बबलू और अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे में शहर की सड़कों पर ध्यान दिया गया, लेकिन गांवों की बदहाल सड़कें नजर अंदाज कर दी गईं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-प्रथम के अधिशाषी अभियंता राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सड़क पर बने गड्ढों को जल्द भरवाकर आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।

यूपी के 74 जिलों में 13 और 14 को लगेगा रोजगार मेला, जीरो पॉवर्टी वाले युवाओं और दिव्यांगों को मिलेगी प्राथमिकता

विश्व युवा कौशल दिवस पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) 13 और 14 जुलाई को प्रदेश के 74 जिलों में राज्य स्तरीय रोजगार मेले आयोजित करेगा। लखनऊ को छोड़कर सभी जिलों में मेले लगेंगे, जबकि लखनऊ में विश्व युवा कौशल दिवस का मुख्य कार्यक्रम होगा। मेले में जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित युवाओं और दिव्यांगजनों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सभी केंद्रों पर क्यूआर कोड से पंजीयन की व्यवस्था रहेगी।

UP के गांव की बेटी डॉ. सुनीता सिंह बनीं हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा निदेशक, ग्रामीणों ने जताई खुशी

कंडेरा गांव की बेटी डॉ. सुनीता सिंह को हिमाचल प्रदेश का उच्च शिक्षा निदेशक नियुक्त किए जाने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अतिरिक्त निदेशक (कालेज) के पद से पदोन्नत होकर वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंची हैं। गांव निवासी ओमप्रकाश अहलावत और धर्मवीरी की पुत्री सुनीता अहलावत चार बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनके पिता हिमाचल प्रदेश के वन विभाग से डिप्टी डायरेक्टर से रिटायर हुए। वहीं डॉ. सुनीता सिंह की नियुक्ति की सूचना मिलते ही कंडेरा गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। चचेरे भाई सुनील अहलावत गांव में ही रहते हैं। उन्होंने और अन्य स्वजन विक्रम सिंह अहलावत, ओमपाल सिंह अहलावत, रवि अहलावत ने उनकी कामयाबी पर खुशी जताई। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। सुनीता सिंह लंबे समय से उच्च शिक्षा विभाग में विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में नई शिक्षा नीति (एनईपी) का प्रभावी क्रियान्वयन, कालेजों में स्किल एजुकेशन के नए पाठ्यक्रमों का विस्तार, विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को प्रमुखता देने की बात कही है।

जौनपुर में सार्वजनिक भूमि पर बने 40 साल पुराने मकान पर चला बुलडोजर, प्रशासन ने ध्वस्त कराया मकान

तहसील क्षेत्र के बरावां गांव में सार्वजनिक भूमि पर 40 साल पुराने बने मकान को प्रशासन में पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से ढहवा दिया। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ उक्त कार्रवाई न्यायालय द्वारा पारित बेदखली आदेश के अनुपालन में की गयी। तहसील क्षेत्र के बरावां गांव की गाटा संख्या 558 और 559 क्रमशः चक मार्ग और नवीन परती खाते की जमीन है। जिस पर सुनील, सुशील, सुधीर पुत्रगण सरजू प्रसाद ने अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया था। तहसीलदार न्यायालय से उनके खिलाफ बेदखली आदेश पारित हो चुका था। लेकिन कब्जाधारी स्वयं जब कब्जा नहीं हटाए तो तहसीलदार हुसैन अहमद के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे राजस्व कर्मियों और पुलिसकर्मियों ने जेसीबी की सहायता से उक्त मकान को जमींदोज कर दिया।

यूपी में 181 पीसीएस अधिकारियों का तबादला, 12 घंटे के अंदर दूसरी ट्रांसफर लिस्ट जारी

योगी आदित्यनाथ सरकार प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के अफसरों का व्यापक स्तर पर तबादला कर रही है। रविवार देर रात 182 अफसरों का कार्यस्थल बदला गया था। उत्तर प्रदेश सरकार जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने में लगी है। इसी क्रम में सोमवार को भी 181 पीसीएस अफसरों का ट्रांसफर किया गया है। दो दिन में पीसीएस 363 अफसरों के ट्रांसफर के बाद अब सीनियर आईपीएस अफसरों के तबादले का नंबर है। रविवार देर रात 182 पीसीएस अफसरों के ट्रांसफर के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को 181 का तबादला कर द‍िया है। 12 घंटे के अंदर पीसीएस अफसरों के ट्रांसफर की दूसरी लिस्ट आ गई। सैयद सानिया सोनम को प्रयागराज की उपजिलाधिकारी के पद पर तैनाती मिली है। एसडीएम निशांत तिवारी को ललितपुर से फतेहपुर भेजा गया है। शासन ने सोमवार को निशांत तिवारी को एसडीएम फतेहपुर, संजय यादव को एसडीएम प्रतापगढ़, मोहम्मद जफर को एसडीएम सोनभद्र, नमन मेहता को एसडीएम गोरखपुर, अंकुर वर्मा को एसडीएम जौनपुर, आदेश कुमार को एसडीएम रामपुर, वैभव गुप्ता को एसडीएम कन्नौज, शालिनी देवी को एसडीएम फिरोजाबाद, राजू कुमार व राहुल द्विवेदी को एसडीएम मेरठ और चित्रा निर्वाल को एसडीएम हमीरपुर के पद पर तैनाती दी है।
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